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शिमला, 21 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में फल-सब्जी कारोबार पर एक फीसदी मार्केट फीस फिर से लागू किए जाने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने शनिवार को कहा है कि आर्थिक संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने यह फैसला लेकर किसानों, बागवानों और व्यापारियों पर नया बोझ डाल दिया है।
संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार का यह निर्णय मंडियों में काम करने वाले आढ़तियों, निजी मार्केट यार्ड संचालकों और दूसरे राज्यों से आने वाले कारोबारियों को सीधे प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि इसका अंतिम असर किसानों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2014 की अधिसूचना रद्द कर एपीएमसी के माध्यम से शुल्क वसूली फिर शुरू की है। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, सरकार को इससे सालाना करीब 40 से 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, लेकिन यह राशि अंततः जनता की जेब से ही जाएगी। भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार किसानों की चिंता जताने का दिखावा कर रही है, जबकि वास्तविकता में उन पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एक तरफ राज्य सरकार स्थानीय किसानों और सेब बागवानों पर शुल्क लगा रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की एफटीए पहल को लेकर भ्रामक बयान दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी नीतिगत कमियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय राज्य सरकार केंद्र पर दोष मढ़ रही है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के फैसले किसान हित में नहीं बल्कि राजस्व जुटाने की जल्दबाजी में लिए गए प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए यह मुद्दा उठाती रहेगी और सरकार के फैसले का विरोध जारी रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा