उपन्यास नदी और पर्वत : बेचैन जड़ों की यात्रा चिंतनशील आत्मकथात्मक
सहरसा, 21 फ़रवरी (हि.स.)।स्थानीय पोलटेक्निक निवासी मनीष झा द्वारा लिखित उपन्यास नदी और पर्वत : बेचैन जड़ों की यात्रा शीर्षक वाली यह पुस्तक एक साधारण व्यक्ति के वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित एक गहन व्यक्तिगत और चिंतनशील आत्मकथात्मक उपन्यास है,
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