बैंक ऑफ बड़ौदा व नाबार्ड की संयुक्त पहल से अयाेध्या के दाे गांव समग्र विकास के साथ हाेंगे आत्मनिर्भर
अयोध्या, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के बसवार कला एवं बसवार खुर्द ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। बैंक ऑफ बड़ौदा और नाबार्ड ने इन दोनों गांवों को गोद लेकर उनके समग्र विकास के लिए संयुक्त रू
ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई


अयोध्या, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के बसवार कला एवं बसवार खुर्द ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। बैंक ऑफ बड़ौदा और नाबार्ड ने इन दोनों गांवों को गोद लेकर उनके समग्र विकास के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का निर्णय लिया है।

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। नाबार्ड के सीजेएम पंकज कुमार ने शुक्रवार काे बताया कि अब तक दोनों संस्थाएं अलग-अलग योजनाओं पर कार्य कर रही थीं, लेकिन अब एकीकृत रणनीति के तहत गांवों के चहुंमुखी विकास पर फोकस किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत को तीन प्रमुख वर्गों- युवा, महिला और किसान में विभाजित कर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। युवाओं को स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत उन्हें बैंकिंग प्रणाली से जोड़ते हुए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे गांव में ही अपना रोजगार स्थापित कर सकें।

बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक शैलेंद्र सिंह ने कहा कि योजना की प्राथमिकता गांव में ही रोजगार सृजन करना है, जिससे युवाओं को दिल्ली या गुजरात जैसे राज्यों में पलायन न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रशिक्षण निःशुल्क होंगे और स्वरोजगार के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। हाइड्रोपोनिक सिस्टम सहित हाईटेक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार दोनों गांवों में लगभग 650 एकड़ कृषि योग्य भूमि उपलब्ध है, जिससे उन्नत तकनीकों के माध्यम से उत्पादन और आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

शैलेंद्र सिंह ने टमाटर उत्पादन का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि गांव में प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाए, तो किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। इसके साथ ही पशुपालन, दुग्ध संग्रह केंद्र और लघु उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दोनों गांवों में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3700 है। पांच वर्षीय समग्र विकास योजना के तहत 350 से 400 करोड़ रुपये तक के निवेश की संभावनाएं जताई गई हैं। चालू वित्तीय वर्ष में ही लगभग 100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान किसान राम बहोर, राम सूरत और अगनू को 1.90 लाख रुपये तथा हरिराम को 1.72 लाख रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वैज्ञानिक मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से ग्रामीणों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर विनय शर्मा, नीरज सचान, अखिलेश मिश्रा, अजय यादव, संजय प्रताप सिंह सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय