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नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा शनिवार को कसौलीमें टिटनेस एवं वयस्क डिप्थीरिया (टीडी) वैक्सीन का शुभारंभ करेंगे। टीडी वैक्सीन की शुरुआत करने का उद्देश्य किशोरों एवं वयस्कों में सुरक्षा को मजबूत करना और टीका-रोकथाम योग्य बीमारियों से जुड़ी रुग्णता एवं मृत्यु दर में कमी लाना है।
राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी गर्भवती महिलाओं सहित सभी उम्र के लोगों के लिए भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में टीटी वैक्सीन को टीडी वैक्सीन से रूपांतरित करने की सिफारिश की है। यह बदलाव टेटनस के अलावा डिप्थीरिया से सुरक्षा बढ़ाने एवं मजबूत करने की कोशिश करता है, जबकि मातृ एवं नवजात शिशु टेटनस उन्मूलन एवं नियमित टीकाकरण गतिविधियों में प्राप्त लाभों को निरंतर बनाए रखता है।
उल्लेखनीय है कि व्यापक वैज्ञानिक प्रमाण दर्शाते हैं कि बच्चों में डीपीटी समूह के टीकों का व्यापक टीकाकरण करने से कई देशों में डिप्थीरिया एवं टेटनस के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। हालांकि, समय के साथ एंटीबॉडी का स्तर कम हो सकता है, विशेष कर डिप्थीरिया मामलों में, इसलिए बूस्टर डोज की आवश्यकता होती है। इसके मद्देनजर, 2006 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने देशों को टेटनस टॉक्सॉइड (टीटी) वैक्सीन से टीडी वैक्सीन में रूपांतरित होने की सिफारिश की।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी