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भागलपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन शराबी और शराब की खाली बोतलें हर जगह दिख जाती है। मामला स्मार्ट सिटी भागलपुर का है। भागलपुर के वीवीआईपी इलाके में शुमार, जहां एक तरफ कमिश्नर का कार्यालय, दूसरी ओर नगर निगम और ठीक बगल में एसपी कार्यालय स्थित है। वहीं दिन दोपहर शराब के नशे में धुत्त लोग खुलेआम लुढ़कते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ शराबी कमिश्नरी परिसर के बाहर ही जमीन पर पड़े हुए थे। जब आसपास के लोगों ने उन्हें वहां से हटाया, तो वे बुरी तरह लड़खड़ाते हुए चलते दिखे। नशे की हालत ऐसी थी कि संभल पाना भी मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि पास की एक दुकान पर नींबू पानी मिल सकता है, जिससे नशा कुछ कम हो सकता है। इसके बाद वे वहीं रुककर नींबू पानी पीते नजर आए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस इलाके में प्रशासन के आला अधिकारियों के दफ्तर मौजूद हों, वहां इस तरह की स्थिति कैसे बन रही है? क्या शराबबंदी कानून सिर्फ कागजों तक सीमित है? बिहार सरकार ने शराबबंदी को लेकर सख्त कानून बनाए हैं। समय-समय पर पुलिस और उत्पाद विभाग द्वारा छापेमारी की खबरें भी सामने आती रहती हैं। लेकिन इन ताजा तस्वीरों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर शराब कहां से आ रही है और खुलेआम सेवन कैसे हो रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे दृश्य देखने को मिले हों। उनका आरोप है कि शाम के साथ-साथ अब दिन में भी शराबियों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इससे आम लोगों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। प्रशासन की नाक के नीचे इस तरह की घटनाएं होना कानून व्यवस्था पर सीधा प्रश्न चिह्न है। क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? अब देखना यह होगा कि इन वायरल तस्वीरों के सामने आने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। क्या दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर