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अररिया, 20 फरवरी(हि.स.)। फारबिसगंज के तिरसकुंड पंचायत के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में शुक्रवार को धूमधाम के साथ विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया। मौके पर समाजिक भेदभाव को दूर करने को लेकर स्कूली बच्चों को शपथ दिलाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि समाज में एकजुटता, सद्भाव और अवसर की समानता को बढ़ावा देने के साथ गरीबी, बहिष्कार, बेरोजगारी और असमानता जैसी चुनौतियों से निपटने का वैश्विक आह्वान विश्व सामाजिक न्याय दिवस है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुरू किया गया यह दिवस हर साल 20 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत राष्ट्रों और उनके बीच शांति, सुरक्षा तथा मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सामाजिक न्याय और विकास को लेकर किया गया। भारत में साल 2009 से हर साल 20 फरवरी को यह दिवस मनाया जाता रहा है। यह दिन वैश्विक चुनौतियों, जैसे वित्तीय संकट, असुरक्षा और बढ़ती असमानता के बीच सामाजिक न्याय पहलों की निरंतर जरूरत पर जोर देता है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की साल 2008 की घोषणा निष्पक्ष वैश्वीकरण के लिए सामाजिक न्याय भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जो समान अवसर और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित है।
पूर्व प्रधानाध्यापक ने कानूनी जानकारी भी बच्चों को दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि आज ही के दिन अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम राज्य की स्थापना दिवस भी हुई थी। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर