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काठमांडू, 20 फ़रवरी (हि.स.)। जेन-जी आंदोलन के बल पर गठित सुशीला कार्की नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए संसद विघटन के खिलाफ दायर रिट याचिका पर सुनवाई के लिए सर्वोच्च अदालत ने चुनाव के ठीक अगले दिन की तारीख तय की है।
अधिवक्ता प्रेमराज सिलवाल के अनुसार सर्वोच्च अदालत ने छह मार्च की तारीख निर्धारित की है। सरकार ने पांच मार्च को चुनाव की तैयारी पूरी कर ली है। उन्होंने बताया कि मामले में कुछ आवश्यक पक्ष अधूरे होने के कारण नियमित पेशी निर्धारित नहीं की गई।
संसद विघटन के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में 29 अक्टूबर 2025 को संवैधानिक इजलास ने 16 रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मार्ग अवधि को छोड़कर सात दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
इसके बाद नेकपा एमाले के सांसदों और नेपाली कांग्रेस ने अलग-अलग रिट दायर किए थे। उनकी याचिकाओं में भी लिखित जवाब मांगा गया था। सभी रिट में विपक्ष बनाए गए पक्षों से लिखित जवाब प्रस्तुत हो चुके हैं, लेकिन कुछ विषयों से संबंधित फाइलें अभी आना बाकी होने के कारण सर्वोच्च अदालत ने केवल सामान्य तारीख दी है। अबतक इन रिटों पर केवल प्रारंभिक सुनवाई हुई है।
सर्वोच्च अदालत के संवैधानिक इजलास में जनहित और राजनीतिक दलों की याचिकाएं विचाराधीन हैं। रिट में प्रतिनिधि सभा विघटन और वर्तमान प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए राष्ट्रपति द्वारा किए गए निर्णय को रद्द करने की मांग की गई है। यदि निर्धारित तिथि पर चुनाव संपन्न हो जाता है, तो इन रिटों की प्रासंगिकता समाप्त हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास