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काठमांडू, 20 फरवरी (हि.स.)। चालू आर्थिक वर्ष 2025-26 के छमाही में नेपाल ने लगभग 1400 करोड़ रुपये मूल्य के विद्युत चालित वाहन (ईवी) आयात किए हैं, जिसमें चीन से आयात किए गए ईवी वाहनों का दबदबा रहा है। नेपाल के ईवी मार्केट में चीन में निर्मित गाड़ियों का हिस्सा 71 प्रतिशत है। चीन के बाद नेपाली बाजार में विद्युत वाहन निर्यात करने वाला भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है।
भंसार विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार साउन से माघ महीने तक की अवधि में नेपाल ने विभिन्न देशों से 1394 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक मूल्य के विद्युत कार, जीप और वैन आयात किए हैं। इन आयातों से सरकार ने 846 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह किया है। विभाग के अनुसार इस सात महीने की अवधि में कुल 5,894 यूनिट विद्युत वाहन नेपाल में आए हैं। देशवार आयात के आंकड़ों में उत्तरी पड़ोसी देश चीन का स्पष्ट दबदबा दिखाई देता है। इस अवधि में केवल चीन से ही कुल 4,204 यूनिट विद्युत वाहन आयात हुए हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 990 करोड़ रुपये है।
विभाग के अनुसार यह कुल आयात का 71 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। चीनी ब्रांड के वाहन विभिन्न मूल्य श्रेणियों और आधुनिक तकनीक में उपलब्ध होने के कारण नेपाली ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। चीन से आए इन वाहनों से ही सरकार ने 6 अरब रुपये से अधिक राजस्व संग्रह किया है, जो ईवी आयात से प्राप्त कुल राजस्व का बड़ा हिस्सा है।
चीन के बाद नेपाली बाजार में विद्युत वाहन निर्यात करने वाला भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है। चालू आर्थिक वर्ष के सात महीनों में भारत से 1,263 यूनिट विद्युत वाहन आयात हुए हैं, जिनका कुल मूल्य 265 करोड़ रुपये से अधिक है। इसी प्रकार, दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश थाईलैंड से भी नेपाल में ईवी का उल्लेखनीय आयात हो रहा है। थाईलैंड से इस अवधि में 113 करोड़ रुपये मूल्य के 401 यूनिट विद्युत वाहन नेपाल आए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास