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धर्मशाला, 20 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पेंशनर्स के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पेंशन फंड ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पेंशनर्स के भविष्य को लेकर कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि डॉ. शर्मा ने केवल चर्चा ही नहीं की, बल्कि हालिया विचार-विमर्श के मात्र 48 घंटों के भीतर ही महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि पेंशनर्स की वर्षों की सेवा का सम्मान करते हुए उनके अधिकारों और आर्थिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत अब पेंशन फंड ट्रस्ट की बैठकों में निरंतरता लाई जाएगी और प्रत्येक वर्ष इनका नियमित आयोजन होगा ताकि कार्यप्रणाली की समय-समय पर समीक्षा हो सके। पेंशनर्स की जीवन भर की जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि पेंशनर कॉर्पस फंड को अब किसी भी प्रतिष्ठित राष्ट्रीयकृत बैंक में रखा जाएगा, जहां अधिकतम लाभ के साथ-साथ पूर्ण पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। डॉ. शर्मा ने कहा कि यह पहल केवल एक औपचारिकता या आश्वासन नहीं है, बल्कि प्रशासनिक दृढ़ता का प्रमाण है, जिसके ठोस परिणाम अब धरातल पर दिखाई देंगे।
पेंशनर्स को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाने के लिए बोर्ड ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब ट्रस्ट समिति में दो पेंशनर्स को नामित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी वास्तविक समस्याओं को सीधे बोर्ड के समक्ष रखा जा सकेगा और समाधान अधिक प्रभावी व व्यावहारिक बनेंगे। डॉ. राजेश शर्मा ने भरोसा दिलाया है कि बोर्ड का लक्ष्य पेंशनर्स के धन की सुरक्षा, समय पर भुगतान और संचालन में पूर्ण पारदर्शिता लाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इन विषयों को शासन स्तर पर भी मजबूती से उठाया जाएगा ताकि पेंशनर्स का सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा पूरी मजबूती के साथ सुनिश्चित की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया