जनसमर्थन से घबराया प्रशासन व राजनीतिक दल – निर्दलीय प्रत्याशी शीलू कुमार की छवि धूमिल करने का प्रयास
हल्द्वानी , 20 फ़रवरी (हि.स.)। आज हल्द्वानी–नैनीताल रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में किसान मंच के बैनर तले एक विस्तृत प्रेस वार्ता आयोजित की गई। यह प्रेस वार्ता 16 फरवरी को नैनीताल 58 विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी शीलू कुमार द्वारा आयोजित
जनसमर्थन से घबराया प्रशासन व राजनीतिक दल – निर्दलीय प्रत्याशी शीलू कुमार की छवि धूमिल करने का प्रयास


हल्द्वानी , 20 फ़रवरी (हि.स.)। आज हल्द्वानी–नैनीताल रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में किसान मंच के बैनर तले एक विस्तृत प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

यह प्रेस वार्ता 16 फरवरी को नैनीताल 58 विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी शीलू कुमार द्वारा आयोजित आरंभ विधानसभा सम्मेलन के दौरान हुई भगदड़ के बाद दर्ज मुकदमे के संदर्भ में की गई।

प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया गया कि बेतालघाट निवासी कुंदन कुमार की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे को लेकर पुलिस द्वारा जो प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, वह तथ्यों से परे, भ्रामक और एकतरफा है। पुलिस का यह कहना कि कार्यक्रम बिना अनुमति के आयोजित किया गया, पूरी तरह असत्य है।

किसान मंच ने मीडिया के समक्ष व्हाट्सएप चैट, लिखित अनुमति पत्र एवं संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए बताया कि जिस अधिकारी की आड़ में मुकदमा दर्ज किया गया, उसी अधिकारी द्वारा कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी। उक्त अनुमति पत्र की प्रतिलिपि तहसीलदार बेतालघाट, थानाध्यक्ष बेतालघाट सहित संबंधित विभागों को पूर्व में भेजी जा चुकी थी। इसके अतिरिक्त एक महापुरुष की अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही कार्यक्रम की तिथि निर्धारित की गई थी।

निर्दलीय प्रत्याशी शीलू कुमार ने प्रशासन एवं राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में हजारों की संख्या में जनता स्वतः एकत्र हुई।

उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों के पास आज स्वयं इतनी भीड़ जुटाने की क्षमता नहीं है, वही दल पर्दे के पीछे रहकर प्रशासन पर दबाव बनाकर इस प्रकार के मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं।

शीलू कुमार ने आरोप लगाया कि जनसमर्थन से भयभीत सत्ता और स्थापित राजनीतिक दलों ने उनकी बढ़ती लोकप्रियता को रोकने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि जब किसी भी घायल व्यक्ति की कोई तहरीर उपलब्ध नहीं थी और सभी का उपचार निजी चिकित्सालय में हो चुका था, तो अनुमति देने वाले अधिकारी को ही आगे कर मुकदमा दर्ज कराना गंभीर साजिश की ओर इशारा करता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस प्रकार से उनके खिलाफ झूठे मुकदमों का सहारा लेकर उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, उसे वे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।

अनुमति देने वाले अधिकारी एवं संबंधित लोगों के खिलाफ शीघ्र ही मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। सीलू कुमार के कार्यालय प्रभारी पवन रावत ने बताया कि कार्यक्रम की सूचना पूर्व में एसएसपी नैनीताल, डीएम नैनीताल तथा स्वास्थ्य विभाग, सीएमओ नैनीताल को भी दी गई थी। इसके बावजूद बिना निष्पक्ष जांच के मुकदमा दर्ज करना प्रशासन की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि यदि शीलू कुमार किसी बड़े राजनीतिक दल से जुड़े होते, तो प्रशासन इस प्रकार का मुकदमा दर्ज करने का साहस नहीं करता। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को चुनाव लड़ने, जनसभा करने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। निर्दलीय प्रत्याशियों को मुकदमों के माध्यम से डराने की यह नीति लोकतंत्र की खुली हत्या है।

किसान मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राज्य में निर्दलीय प्रत्याशियों का इसी प्रकार राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दमन किया गया, तो किसान मंच प्रदेशभर में ऐसे सभी प्रत्याशियों को प्रेस, कानूनी एवं न्यायालयीन स्तर पर पूर्ण सहयोग देगा।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता