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प्रयागराज, 20 फरवरी (हि.स)। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी सुधारों ने भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। इन सुधारों से उत्पन्न बदलावों, समस्याओं और भविष्य की सम्भावनाओं पर गंभीर चर्चा के उद्देश्य से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। इसके लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की ओर से पांच लाख रूपये का आर्थिक अनुदान स्वीकृत हुआ है। हालांकि संगोष्ठी की तिथि अभी तय नहीं की गई है।
संगोष्ठी के समन्यवक प्रो.सुनील कुमार पाधी ने शुक्रवार को बताया कि संगोष्ठी में यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि जीएसटी सुधारों का प्रभाव छोटे उद्योगों, किसानों, उपभोक्ताओं, मंहगाई, व्यापार और समूची अर्थव्यवस्था पर किस प्रकार पड़ा है। हाल ही में कर की दरों में किए गए बदलावों के असर पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। संगोष्ठी में अलग-अलग विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे और गहन विचार-विमर्श होगा।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी जीएसटी के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव को लेकर शोधपत्र प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संगोष्ठी के लिए देश के अलग-अलग राज्यों और विश्वविद्यालयों से प्रख्यात विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा। इस संगोष्ठी में हुए मंथन और शोध निष्कर्षों की रिपोर्ट में जीएसटी सुधारों की उपलब्धियों, खामियों, व्यावहारिक समस्याओं और भविष्य में आवश्यक सुधारों के सुझाव शामिल होंगे। यह रिपोर्ट आईसीएसएसआर को भेजी जाएगी, ताकि आगे नीति निर्माण और शोध कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बने।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र