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लखनऊ, 20 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कृषि अनुसंधान, बुनियादी ढांचे के विकास और विभागीय सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की है। इन स्वीकृतियों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में बीज भंडारण की आधुनिक सुविधाएं विकसित करना और कृषि विभाग के प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना है। इस निर्णय से राज्य के कृषि क्षेत्र में तकनीक और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
प्रमुख स्वीकृतियों के अंतर्गत आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज (अयोध्या) के साथ-साथ बांदा और कानपुर के कृषि विश्वविद्यालयों में स्पेशलाइज्ड सीड स्टोरेज यूनिट एवं सीड हब के निर्माण के लिए पूंजीगत मद में लगभग 4.68 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत निदेशालय एवं प्रशासन मद में फर्नीचर, कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और अन्य आवश्यक उपकरणों के क्रय के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कुल 5.00 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। साथ ही, नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एण्ड टेक्नोलॉजी के तहत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (एसएमएई) योजना के लिए केन्द्रांश एवं राज्यांश को मिलाकर लगभग 0.25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उत्तम कोटि के बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विशेष बीज हब के निर्माण और विभागीय आधुनिकीकरण के लिए जारी की गई धनराशि के सदुपयोग से उत्तर प्रदेश के किसानों को कई दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए ताकि इसका सीधा लाभ धरातल पर किसानों को मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक