शिमला : चिट्टा तस्करी में कई बार पकड़े गए चार आरोपी निवारक नजरबंदी में भेजे
शिमला, 20 फ़रवरी (हि.स.)। नशा तस्करी पर शिकंजा कसते हुए शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चिट्टा तस्करी में लगातार लिप्त पाए गए चार आदतन आरोपियों को निवारक नजरबंदी में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी पहले भी कई मामलों म
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शिमला, 20 फ़रवरी (हि.स.)। नशा तस्करी पर शिकंजा कसते हुए शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चिट्टा तस्करी में लगातार लिप्त पाए गए चार आदतन आरोपियों को निवारक नजरबंदी में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी पहले भी कई मामलों में पकड़े जा चुके थे, लेकिन चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद अवैध धंधे से दूर नहीं हुए। इसके बाद उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया गया।

पुलिस के अनुसार पहला आरोपी मनोज उर्फ मन्ना निवासी कार्याली, शिमला है। उसके खिलाफ वर्ष 2018 से 2025 के बीच नौ अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस थाना कसौली और ढली में उससे अलग-अलग समय पर करीब 18.549 ग्राम, 33.23 ग्राम, 2 ग्राम, 6.42 ग्राम, 1.07 ग्राम, 4 ग्राम, 2.010 ग्राम, 2.190 ग्राम और 4.180 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। लगातार गिरफ्तारी के बावजूद उसकी गतिविधियां जारी रहने पर पुलिस ने उस पर निवारक नजरबंदी की कार्रवाई की।

दूसरा आरोपी अंकित ठाकुर निवासी नीरथ, रामपुर है। उसके खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में दो मामले दर्ज हैं, जिनमें क्रमशः 47.74 ग्राम और 30.88 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह मादक पदार्थों की सप्लाई और बिक्री में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है और उसके व्यवहार में अपराध की पुनरावृत्ति की प्रवृत्ति पाई गई।

तीसरा आरोपी गोविंद सिंह निवासी बठारा, रामपुर है, जिसे तीन बार गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्ष 2023 में कुमारसेन में उससे 6.30 ग्राम चिट्टा, वर्ष 2024 में रामपुर में 87.87 ग्राम और वर्ष 2025 में रामपुर में ही 6.13 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस का कहना है कि भारी मात्रा में बरामदगी उसके संगठित नेटवर्क से जुड़े होने की ओर संकेत करती है।

चौथा आरोपी लोकिंदर कंवर है, जिसे दो मामलों में पकड़ा गया। वर्ष 2022 में कोटखाई में उससे 52.75 ग्राम चरस और 3.17 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था, जबकि वर्ष 2024 में उसी थाना क्षेत्र में उससे 30.640 ग्राम चिट्टा मिला। पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले की कार्रवाइयों के बावजूद नशा तस्करी से बाज नहीं आ रहा था।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह का कहना है कि इस तरह की निवारक नजरबंदी का मकसद नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और आदतन तस्करों को भविष्य में अवैध गतिविधियों से रोकना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और समाज को इस खतरे से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा