Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

धमतरी, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मानदेय में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी सहित 10 सूत्री मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ मध्याह्न भोजन मजदूर एकता यूनियन (सीटू) की हड़ताल जारी है। यह हड़ताल 28 फरवरी तक जारी रहेगी। इस दौरान मध्याह्न भोजन कर्मी बजट में अपनी मांगों को शामिल किए जाने को लेकर आंदोलनरत रहेंगे। शुक्रवार को धरनारत मध्यान्ह भोजन मजदूर एकता यूनियन के सदस्यों ने जमाकर सरकार विरोधी नारे लगाए।
सीटू के कोषाध्यक्ष अनसुईया कंडरा एवं महासचिव ललिता साहू ने बताया कि धमतरी जिले में 2400 रसोईया एवं सहायिका 162 संकुल में कार्यरत हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए कार्यरत रसोईया एवं सहायिकाओं को केवल 2000 रुपये प्रति माह मानदेय मिल रहा है। इस अल्प मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। राज्य की भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व 50 प्रतिशत मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का वादा किया था। जिसको लेकर 17 से 28 फरवरी तक गांधी मैदान धमतरी में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ताकि 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में संघ की मांगों को शामिल कराया जा सके। बजट में मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा नहीं होने पर 28 को बैठक कर अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने का निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान देवबती देवांगन,संध्या ध्रुव, तुलेश्वरी रजक, डीहूराम यादव, देवकी, सरोज साहू, सरिता साहू, दुलारी नेताम, सोनकुंवर सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थिति रहे।
जिले की रसोईया एवं सहायिकाओं बजट सत्र में 50 प्रतिशत मानदेय में बढ़ोत्तरी की घोषणा कर एक अप्रैल से जारी किया जाए। बिलासपुर उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णयानुसार श्रमिक दर (कलेक्टर दर) दिया जाए। पंजाब सरकार की तर्ज पर छतीसगढ़ के रसोईया एवं सहायिकाओं को 12 माह का मानदेय दिया जाए। सभी को एक वर्ष में दो जोड़ी वर्दी दी जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा