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नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अवैध संपत्ति मामले में 15 साल से फरार चल रहे आरोपित संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसे 2011 में अदालत ने फरार अपराधी घोषित किया था।
सीबीआई ने बताया कि एजेंसी ने यह मामला 17 जून 2008 को दर्ज किया था। इसमें तत्कालीन महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) रोहतक, चंद्रशेखर, संतोष कुमार और अन्य पर साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए थे। जांच में सामने आया कि संतोष कुमार ने खुद को एलवीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का निदेशक बताकर याचिकाएं दाखिल कीं और तलाशी के दौरान बरामद 85 लाख रुपये पर झूठा मालिकाना हक जताया। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गलत स्वामित्व का रिकॉर्ड तैयार किया ताकि सरकारी अधिकारी को बचाया जा सके।
इस मामले में आरोपपत्र सीबीआई की विशेष अदालत, अंबाला (अब पंचकुला) में दाखिल किया गया था। लेकिन संतोष कुमार सुनवाई में शामिल नहीं हुआ और 24 मार्च 2011 को अदालत ने उसे घोषित अपराधी करार दिया।
सीबीआई ने बताया कि लगातार कोशिशों के बावजूद वह लंबे समय तक पकड़ में नहीं आया। हाल ही में तकनीकी जानकारी और ज़मीनी सत्यापन के आधार पर उसकी मौजूदगी दिल्ली में पता चली। इसके बाद सीबीआई टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पंचकुला स्थित सीबीआई अदालत में पेश किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर