कोकराझाड़ में बीटीसी प्रमुख ने किया बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ
कोकराझाड़ (असम), 20 फरवरी (हि.स.)। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीटीसी प्रमुख हग्रामा महिलारी ने आज कोकराझाड़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक (सीसी
कोकराझार में बीटीसी प्रमुख द्वारा बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ।


कोकराझाड़ (असम), 20 फरवरी (हि.स.)। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीटीसी प्रमुख हग्रामा महिलारी ने आज कोकराझाड़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक (सीसीबी) के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर भूमि पूजन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें बीटीसी के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कार्यकारी सदस्य देरहासात बसुमतारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अधिकारी उपस्थित रहे ।लगभग 23.75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रभावित इस परियोजना को 18 माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित जी+3 भवन में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ अग्निशमन एवं फायर अलार्म प्रणाली जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल होंगी, जिससे मरीजों की सुरक्षा और सेवाओं की कार्यकुशलता सुनिश्चित की जा सकेगी।इसके अतिरिक्त बीटीसी प्रमुख ने कोकराझाड़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नव-निर्मित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग का उद्घाटन भी किया। यह विंग लगभग 15 दिनों के भीतर आम जनता के लिए सेवाएं प्रारंभ करने की संभावना है। उद्घाटन के पश्चात बीटीसी प्रमुख ने नई इकाई का निरीक्षण कर उपलब्ध आधारभूत संरचना एवं सेवाओं की समीक्षा की।दिन के अगले कार्यक्रम में बीटीसी प्रमुख ने हरिनागुरी में कोकराझाड़ विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के निर्माण हेतु भूमि पूजन किया। यह निर्माण कार्य टीएनईआईएफ के अंतर्गत इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड-1 (पैकेज संख्या-2) के तहत विश्वविद्यालय के रूप में उन्नयन के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम में कार्यकारी सदस्य देरहासात बसुमतारी, एमसीएलए जुबीराज बसुमतारी, धनेश्वर गोयारी तथा कुलपति प्रो. गणेश चंद्र वार्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।इसी क्रम में बीटीसी प्रमुख ने कोकराझाड़ जिले के हलोआदल गांव में अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो के निर्माण का भी शिलान्यास किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टूडियो फिल्म निर्माण, डिजिटल कंटेंट सृजन एवं रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां फिल्म शूटिंग, सेट डिजाइन, एनीमेशन, ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं वीएफएक्स उत्पादन जैसी पेशेवर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होने की अपेक्षा है तथा कोकराझाड़ को बीटीसी एवं असम में डिजिटल मीडिया और रचनात्मक कला के क्षेत्र में क्षेत्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।आज आरंभ की गई इन विभिन्न पहलों से स्पष्ट है कि बीटीसी प्रशासन क्षेत्र में स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा एवं डिजिटल अवसंरचना को सशक्त बनाने के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा