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लखनऊ, 20 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को नियम - 110 के अर्न्तगत आजमगढ के मेडिकल कॉलेज में एंडोस्कोपी यूनिट स्थापित करने की मांग की। मरीजों को पेट संबंधी बीमारियों में आने वाली कठिनाईयों के समाधान विषय पर चर्चा करते हुए विजय बहादुर पाठक ने कहा कि पूर्वांचल क्षेत्र में पेट और लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। क्रोनिक लिवर डिजीज, हेपेटाइटिस बी और सी, फैटी लिवर, शराबजनित लिवर रोग, पैंक्रियाटाइटिस, पीलिया, आंतों का कैंसर ये अब सामान्य समस्याएं बन चुकी हैं। इनमें से कई रोग ऐसे होते हैं, जिनमें तुरंत एंडोस्कोपी या विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता होती है।
आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज में अलग गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग न होने के कारण मरीजों को वाराणसी, लखनऊ या प्रयागराज रेफर करना पड़ता है। इसके उपचार में देरी होती है गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है, कई बार समय पर इलाज न मिलने से जान भी चली जाती है, यदि मेडिकल कॉलेज में एक गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट की नियुक्ति और सुसज्जित एंडोस्कोपी यूनिट स्थापित कर दी जाए, तो आपातकालीन मरीजों की जान बचाई जा सकती है, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का समय पर निदान संभव होगा। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। आगे कहा कि यह केवल एक विभाग खोलने की बात नहीं है, बल्कि पूर्वाचल की लाखों जनता को जीवन रक्षक सुविधा देने की बात है। विधान परिषद के सभापति ने इस मांग को प्रभावी कार्यवाही के लिए सरकार को भेज दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन