45वीं वाहिनी एसएसबी ने सीमावर्ती स्कूली बच्चों को मानव तस्करी के खिलाफ किया जागरूक
45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने सीमावर्ती क्षेत्र के स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी के खतरे और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
मानव तस्करी जागरूकता


सुपौल, 20 फ़रवरी (हि.स.)। सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत सीमावर्ती स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी के दुष्परिणामों एवं इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि “मानव तस्करी एक अभिशाप है, इसे जड़ से मिटाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” बच्चों को बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं, नौकरी या बेहतर भविष्य के नाम पर दिए जाने वाले लालच से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत परिजनों या सुरक्षा बलों को दें।

अधिकारियों ने मानवाधिकार, सामाजिक सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों एवं शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

अभियान के दौरान बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानव तस्करी के खिलाफ जागरूक रहने एवं दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया। सुरक्षा बलों द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही गई, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा और सतर्कता को और मजबूत किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र