जीवन में यम-नियम की साधना कुंडलिनी जागरण का मूल आधार : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
वाराणसी, 17 अक्टूबर (हि.स.)। आध्यात्मिक उन्नति और कुंडलिनी जागरण के लिए आत्मसंयम, नैतिक मूल्यों तथा अनुशासित जीवनशैली का पालन अनिवार्य है। यम-नियम के माध्यम से जीवन में आचरण की शुद्धता और संयम स्थापित करने के बाद ही साधक को कुंडलिनी जागरण की दिशा म
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