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हरिद्वार, 09 जनवरी (हि.स.)। हरिपुर कलां स्थित राष्ट्र भक्ति आश्रम को लेकर चल रहे विवाद के बाद आज स्वामी चैतन्य सरस्वती ने मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखा। स्वामी चैतन्य ने साध्वी रेणुका की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए रेणुका के आरोपों को षडयंत्र बताया।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी चैतन्य सरस्वती ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से राष्ट्र भक्ति आश्रम की स्थापना की थी, लेकिन अब इसे हड़पने की साजिश की जा रही है। स्वामी चैतन्य सरस्वती ने आरोप लगाया कि साध्वी रेणुका ने निरंजन नामक व्यक्ति के साथ मिलकर न केवल मारपीट की, बल्कि आश्रम पर कब्जा करने का प्रयास भी किया। उन्होंने कहा कि यह लोग साधु के भेष में असली कालनेमि हैं।
सरकार को इनकी जांच कर ऐसे लोगों को जेल भेजने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत समाज में ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि किसी साध्वी ने किसी संत पर एससी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया हो। संत की कोई जाति नहीं होती, फिर भी जात का ये हथियार के रूप में इस्तेलाम कर रहे हैं।
स्वामी चैतन्य सरस्वती ने आरोप लगाया कि साध्वी रेणुका और उनके सहयोगी इससे पहले भी गंगोत्री, नगीना सहित कई जगह इसी तरह एससी एक्ट का दुरुपयोग कर आश्रमों पर कब्जा करने का प्रयास कर चुके हैं।
उन्होंने कहाकि आईएएस अनुराधा पाल का इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। पत्रकार वार्ता के दौरान मौजूद साध्वी प्राची ने भी साध्वी रेणुका के कृत्यों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक महिला साध्वी को इस प्रकार के कार्य शोभा नहीं देते। साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि साध्वी रेणुका ने संत परंपरा के विरुद्ध कार्य किया है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला