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जशपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। जशपुर जिला चिकित्सालय में एक जटिल और जानलेवा स्थिति से ग्रसित गर्भवती महिला की सफल सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई, जिससे जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और क्षमता का सकारात्मक संदेश मिला। यह सफलता दिसंबर 2025 के अंत में जिला चिकित्सालय में हासिल की गई, जहां एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से पीड़ित महिला का इलाज किया गया।
वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एम. ममता साय ने अस्थानिक गर्भावस्था की जटिल स्थिति में महिला का ऑपरेशन कर गर्भाशय के बाहर विकसित मृत भ्रूण को सुरक्षित रूप से निकाला और महिला की जान बचाई। डॉ. साय ने बताया कि जब निषेचित अंडा गर्भाशय में स्थापित न होकर फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, पेट या सर्विक्स में विकसित होता है, तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहते हैं। लगभग 95 प्रतिशत मामलों में यह फैलोपियन ट्यूब में पाई जाती है।
डॉ. ममता साय ने आगे बताया कि इस स्थिति के प्रमुख कारणों में फैलोपियन ट्यूब में रुकावट या सूजन शामिल है। इसके लक्षणों में पेल्विक क्षेत्र में भारीपन और खिंचाव, पेशाब या मल त्यागने में कठिनाई, पेट के एक ओर तीव्र दर्द, असामान्य रक्तस्राव, चक्कर आना और कंधे में दर्द शामिल हैं। एक्टोपिक प्रेग्नेंसी एक जानलेवा स्थिति है, जिसे समय पर उपचार न मिलने पर महिला की जान पर गंभीर खतरा होता है।
इस सफल सर्जरी में डॉ. एम. ममता साय के साथ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कलावती पटेल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. आकाश कुजूर और पूरी चिकित्सकीय टीम ने सहयोग किया। अस्पताल सलाहकार राजेश कुरील ने भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला चिकित्सालय जशपुर की इस उपलब्धि से स्पष्ट होता है कि जिले में अब गंभीर प्रसूति संबंधी जटिलताओं का स्थानीय स्तर पर सुरक्षित इलाज संभव हो गया है, जिससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह