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हरिद्वार, 09 जनवरी (हि.स.)। दो सगी नाबालिग बहनों को बहला फुसलाकर लाने व बंधक बनाकर देह व्यापार के लिए बेचने के मामले में स्पेशल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट एवं अपर जिला जज चंद्रमणि राय ने मुख्य आरोपित युवक आलोक को दोषी करार दिया है।
कोर्ट ने आलोक को 14 वर्ष के कठोर कारावास व 16 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। जबकि एक महिला समेत पांच आरोपितों को ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि 19 सितंबर 2023 को पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफकिंग यूनिट को कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में एक मकान में दो नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार के लिए लाकर बंधक बनाकर रखने की सूचना मिली थी।
पुलिस टीम ने मुख्य आरोपित आलोक को पकड़कर उसके कब्जे से दो किशोरियों को छुड़ाया था। पूछताछ में दोनों लड़कियों ने पुलिस को बताया था कि आलोक उन्हें दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिला और नौकरी दिलाने के बहाने हरिद्वार लाया था। आलोक व उसकी पत्नी उन्हें कमरे से बाहर नहीं निकलने देते हैं। यही नहीं,गलत काम कराने के इरादे व बेचने के लिए इन दोनों की फोटो खींचकर भी भेजते हैं। पूछताछ के बाद आलोक की निशानदेही पर उसके साथ इस धंधे में लगे पांच लोगों को चंडीघाट पुल के पास से गिरफ्तार किया गया था। इन सभी ने आलोक के साथ मिलकर गलत काम कराने के लिए लड़कियों की खरीद फरोख्त करने की बात कबूल की थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपित आलोक पुत्र सुरेश चंद निवासी मोहल्ला कालीदेवी निकट रेलवे स्टेशन थाना गुमना जिला फर्रुखाबाद (यूपी),पूजा पत्नी सतीश सकलानी (सेलाकुई देहरादून), परवीन पुत्र जय भगवान (सहारनपुर यूपी), रामकुमार पुत्र भीम सिंह (गौतमबुद्ध नगर, यूपी) ,अनस पुत्र महमूद (बिजनौर, यूपी) व अनवर अंसारी पुत्र सलीम अंसारी (फर्रुखाबाद, यूपी) को गिरफ्तार कर सभी का चालान कर जेल भेज दिया था।
अदालत में सरकारी पक्ष ने साक्ष्य में 11 गवाह पेश किये। विशेष कोर्ट ने आरोपित आलोक को 14 वर्ष की कठोर कैद व 16 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि ठोस साक्ष्य के अभाव में शेष आरोपितों पूजा, प्रवीण, रामकुमार, अनस व अनवर अंसारी को दोषमुक्त करार दिया है।
इस मुकदमे में मकान मालिक की मजबूत गवाही सजा का आधार बनी।मकान मालिक अमित नेगी ने अपने भाई के जरिए पुलिस को मामले की सूचना दी थी। कोर्ट में साक्ष्य के दौरान भी मकान मालिक ने मजबूत मौखिक साक्ष्य दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला