आदिवासियों की क्रांति का प्रतीक है डोम्बारी बुरू : नीलकंठ सिंह मुंडा
खूंटी, 09 जनवरी (हि.स.)। झारखंड के जलियांवाला बाग के रूप में प्रसिद्ध अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा की संघर्षस्थली डोम्बारी बुरू में शुक्रवार को शहादत दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपायुक्त आर रोनिता, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, राज्य
आदिवासियों की  क्रांति का प्रतीक है डोम्बारी बुरू : नीलकंठ सिंह मुंडा


खूंटी, 09 जनवरी (हि.स.)। झारखंड के जलियांवाला बाग के रूप में प्रसिद्ध अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा की संघर्षस्थली डोम्बारी बुरू में शुक्रवार को शहादत दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपायुक्त आर रोनिता, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों एवं संगठनों से जुड़े लोगों, विभिन्न गांवों के आदिवासी महिला पुरुषों तथा बिरसाइत पंथ मानने वाले महिला पुरुष व बच्चे बड़ी संख्या में डोंबारी बुरु पहुंचे और नौ जनवरी 1900 ई को अंग्रेजों के साथ संघर्ष में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि डोंबारी बुरु झारखंड की अस्मिता संघर्ष एवं ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़ फेंकने के लिए आदिवासियों के क्रांति की प्रतीक है। यह वह स्थान है जहां से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा लेंगी।

उन्होंने कहा कि बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए हुए मार्ग पर चलेंगे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के विरुद्ध उलगुलान छेड़कर हम आदिवासियों को जीने एवं विकास का रास्ता दिखाया था। अब हमें अपने हक व अधिकार के प्रति जागरुक होकर संवैधानिक तरीके से अपने समाज गांव एवं राज्य के लिए विकास की दिशा में प्रगति के रास्ते का चुनाव करना होगा। मौके पर कैलाश राम ,विनोद नाग , रुपेश जायसवाल , बबलू ठाकुर ,राजेश नाग , किशोर बड़ाइक , विजय राम गांझू, डबगा मुंडा, सोमा मुंडा सहित अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा