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पूर्वी सिंहभूम, 09 जनवरी (हि.स.)। मर्सी अस्पताल से लंबे समय से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक और मरीजों के बीच “मसीहा” के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. तमाल देव का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को मर्सी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से न सिर्फ मर्सी अस्पताल परिवार बल्कि पूरे चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. तमाल देव वर्ष 1983 में मर्सी अस्पताल से जुड़े थे और करीब 42 वर्षों तक उन्होंने निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा की। वे एक अनुभवी और समर्पित फिजिशियन थे, जिन पर मरीजों का भरोसा अटूट था। इलाज के लिए दूर-दराज के कोल्हान क्षेत्र से भी लोग विशेष रूप से मर्सी अस्पताल आते थे, क्योंकि उनकी यही कोशिश रहती थी कि अस्पताल में भर्ती हर मरीज को वे स्वयं देखें और उनका हालचाल जानें।
मरीजों के बीच उनका सम्मान और विश्वास इतना गहरा था कि अधिकांश मरीज चाहते थे कि उनका इलाज स्वयं डॉ. तमाल देव ही करें। उनकी संवेदनशीलता, सरल स्वभाव और समर्पण ने उन्हें डॉक्टर से कहीं बढ़कर मरीजों का सहारा बना दिया था।
डॉ. तमाल देव इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के वरिष्ठ और सक्रिय सदस्य भी थे। वे चिकित्सकों के हितों के साथ-साथ जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी हमेशा मुखर रहे। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने हजारों मरीजों का सफल इलाज कर समाज में एक अलग पहचान बनाई।
उनके निधन पर मर्सी अस्पताल परिसर में शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अस्पताल की प्रशासक सिस्टर जेसी सहित पूरे अस्पताल परिवार ने एक स्वर में कहा कि डॉ. तमाल देव के रूप में अस्पताल ने अपना अभिभावक खो दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. देव मरीजों के लिए भगवान समान थे और उनकी सेवाएं तथा समर्पण सदैव स्मरणीय रहेंगे।
डॉ. तमाल देव अपने पीछे पत्नी, बड़े भाई, भाभी और भतीजे को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर शोक स्वरूप मर्सी अस्पताल प्रबंधन ने 10 जनवरी को ओपीडी बंद रखने का निर्णय लिया है।
आईए़मए के पदाधिकारियों और चिकित्सक साथियों ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे चिकित्सा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक