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धमतरी, 09 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक संचालित की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार 08 जनवरी 2026 से टोकन जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
शुक्रवार काे जारी विज्ञप्ति के अनुसार टोकन जारी करने से पूर्व समिति द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार संबंधित कृषकों के पास उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इस कार्य के लिए विभागीय स्तर पर दल का गठन किया गया है, जिसमें नोडल अधिकारी के साथ राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सहयोग हेतु तैनात किया गया है। निर्देशों के अनुसार पंजीकृत किसान जब टोकन जारी कराने के लिए समिति में उपस्थित होगा, तब समिति के ऑपरेटर द्वारा ऑनलाईन सोसायटी मॉड्यूल में आवेदन की प्रविष्टि की जाएगी। आवेदन की प्रविष्टि होते ही संबंधित उपार्जन केंद्र के लिए प्राप्त टोकन आवेदन पीवी एप के माध्यम से नोडल अधिकारी के मोबाइल में स्वतः प्रदर्शित हो जाएगा।
पीवी एप में जानकारी प्रदर्शित होने के पश्चात नोडल अधिकारी एवं दल द्वारा किसान के पास उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान धान की मात्रा क्विंटल में दर्ज की जाएगी तथा किसान के पास उपलब्ध धान के तीन फोटो पीवी एप के माध्यम से अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे। भौतिक सत्यापन में पाई गई मात्रा के अनुरूप ही समिति द्वारा टोकन जारी किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक उपार्जन केंद्र के लिए पूर्व से आबंटित नोडल अधिकारी की आईडी का उपयोग दल के अन्य सदस्य भी सत्यापन कार्य हेतु कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा अवैध धान की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा