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अंबिकापुर, 09 जनवरी (हि.स.)। सरगुजा जिले में धान उपार्जन केंद्रों पर लागू पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिल रही है। टोकन प्रणाली, त्वरित नाप-तौल और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते अब किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनका भरोसा व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है।
बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाबांध के लघु किसान धर्मसाय राजवाड़े ने इस वर्ष धान खरीद व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि अच्छी बारिश के कारण फसल बेहतर हुई है। उन्होंने लगभग साढ़े चार एकड़ में धान की खेती की, जिससे 98 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ। समिति के माध्यम से उनका पहला टोकन 55.20 क्विंटल धान के लिए कटा, और पूरी प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के संपन्न हुई।
धर्मसाय राजवाड़े ने बताया कि शिवपुर धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही उन्हें गेट पास, नमी परीक्षण और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया सरल और सुचारु रही। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए पेयजल और छाया में बैठने की व्यवस्था है, वहीं समिति के कर्मचारियों द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने गेहूं, तिलहन और सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती भी की है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। धर्मसाय राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि इस व्यवस्था से किसान खुश हैं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह