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जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में गुरुवार को जयपुर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश भर के कांग्रेस जिला प्रमुख एवं जिला परिषद सदस्य शामिल हुए। सांसद मुरारी लाल मीणा तथा पूर्व मंत्री व विधायक अशोक चांदना भी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि वे स्वयं पंचायती राज संस्थाओं से निकलकर विधायक, मंत्री और प्रदेशाध्यक्ष बने हैं। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया है और जनप्रतिनिधियों को संगठन में सम्मानजनक स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के रायपुर अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि जिला कांग्रेस कमेटियों की बैठकों में जिला परिषद सदस्यों को स्थायी रूप से आमंत्रित किया जाएगा, जिसे राजस्थान में लागू भी किया जा चुका है।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुने गए जिला परिषद सदस्य और पार्षद जिला कांग्रेस कमेटी के स्थायी सदस्य होंगे। यदि पंचायती राज जनप्रतिनिधि ईमानदारी और मजबूती से जनता के बीच कार्य करेंगे तो वे आगे चलकर विधायक और सांसद भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि योग्य और मेहनती कार्यकर्ता पीछे न रहें तथा आगामी पंचायती राज चुनावों में उन्हें पूरा अवसर मिले।
प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने समय पर पंचायतीराज चुनाव नहीं कराकर प्रदेश के हितों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण केंद्र सरकार ने राजस्थान के 3000 करोड़ रुपये रोक रखे हैं और यदि 31 मार्च तक चुनाव नहीं हुए तो यह राशि प्रदेश को नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि चुनावों में देरी से न विकास कार्य हुए और न ही जनप्रतिनिधियों को कोई लाभ मिला।
डोटासरा ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों के लिए सम्मानपूर्वक रोजगार का अधिकार थी, जिसे भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में काम का अधिकार समाप्त हो गया है और केंद्र सरकार ने मजदूरी भुगतान की जिम्मेदारी भी राज्यों पर डाल दी है, जो कर्ज में डूबे राज्यों के लिए संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा और अन्य योजनाओं का लाभ केवल भाजपा शासित क्षेत्रों को दिया जा रहा है। फसल खराबे के मुआवजे में भी भेदभाव किया गया और कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों को वंचित रखा गया।
डोटासरा ने कहा कि यदि अब मनरेगा बचाने की लड़ाई नहीं लड़ी गई तो आने वाले समय में गरीबों को रोजगार नहीं मिलेगा।
मतदाता सूची को लेकर उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर प्रदेश में 40 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर मेहनत कर वास्तविक मतदाताओं के नाम बचाए। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित मतदाता सूची को पंचायती राज चुनावों में उपयोग करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस हर हाल में रोकेगी।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर केंद्र और राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे तथा मनरेगा और पंचायती राज संस्थाओं की रक्षा के लिए जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित