Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जींद, 09 जनवरी (हि.स.)। सहकारिता, कारागार, निर्वाचनए विरासत व पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत जी राम जी कानून के माध्यम से देश के प्रत्येक मेहनतकश को आर्थिक और सामाजिक संरक्षण देना सुनिश्चित किया जाएगा। मनरेगा के खामी भरे ढांचे को ढोना देश और श्रमिकों के लिए अहितकारी था। जिसकी जगह पर जी राम जी कानून भ्रष्टाचार खात्मे और शोषण को रोकने का बड़ा माध्यम बनेगा।
पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र ढुल, उचाना विधायक देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की प्राप्ति की तरफ बढ़ रहा है। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहकारिता, ग्रामीण विकास, उद्योग, विज्ञान, खेल जैसे तमाम क्षेत्रों में देश प्रगति कर रहा है। हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान बढ़ाने के लिए ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमिक को 100 दिन का काम मिलता था। जबकि जी राम जी कानून में 125 दिनों का गारंटी काम मिलेगा। जिससे हरियाणा वालों को सालाना दस हजार रुपये का फायदा होगा।
पहले की तरह ग्राम सभा व ग्राम पंचायत विकास की योजनाएं बनाएंगे, जिसमें जल संरक्षण, ढांचागत विकास, आजीविका आधारित और आपदा प्रबंधन से जुड़े काम शामिल होंगे। ग्रामीण विकास को मजबूत दिशा देने के लिए जी राम जी कानून के तहत तालाब बनाना, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क जैसे आवश्यक ढांचा निर्माण, गरीब परिवारों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए स्किल सेंटर व हाट बाजार का निर्माण करवाया जाएगा।
प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बुवाई व कटाई के लिए श्रमिकों की गलत का सामना करना पड़ता था। ऐसे में नए कानून में प्रदेश सरकार को अधिकार दिए गए हैं कि वह रवि व खरीफ सीजन के दौरान दौरान जब खेती में मजदूरों की ज्यादा आवश्यकता होगी तो अधिकतम 60 दिन तक जी राम जी कानून के तहत चल रहे कामों को स्थगित करेगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा