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जयपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के आधुनिक उपकरणों, अत्याधुनिक हथियारों और उन्नत तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही, सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान की अमर गाथाओं को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को भारतीय सेना के त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ना है। जब देशवासी अपने घरों में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं, तब सीमा पर तैनात हमारे वीर जवान हर पल तिरंगे की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह प्रदर्शनी नागरिकों को सेना के इसी समर्पण और साहस से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बन रही है।
भारतीय सेना का इतिहास वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की गौरवशाली परंपरा से भरा हुआ है। वर्ष 1947 से लेकर अब तक हर युद्ध और सैन्य अभियान में सैनिकों ने अद्वितीय पराक्रम का परिचय देकर देश का मान बढ़ाया है।
प्रदर्शनी में यह भी दर्शाया गया है कि आज भारतीय सेना अत्याधुनिक हथियारों, आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण से सुसज्जित है। इन सभी के साथ उसका अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा उसे विश्व की श्रेष्ठ सेनाओं में विशिष्ट स्थान दिलाती है।
प्रदर्शनी में प्रदर्शित प्रलय ड्रोन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह ड्रोन दो किलोग्राम की पेलोड क्षमता के साथ 30 से 40 मिनट तक उड़ान भर सकता है और अधिकतम चार किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर सटीक प्रहार करने में सक्षम है। करीब 300 मीटर की ऊँचाई तक उड़ान भरने वाला यह ड्रोन भारतीय सेना की उन्नत तकनीकी शक्ति का सशक्त उदाहरण है।
‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों में देशभक्ति की भावना प्रबल हो रही है और भारतीय सेना के प्रति सम्मान और गौरव का भाव और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित