Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

रांची, 09 जनवरी (हि.स.)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मानव तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त और सतर्क कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर ‘नन्हें फरिश्ते’ अभियान के तहत शुक्रवार को रांची रेलवे स्टेशन पर संयुक्त गहन तलाशी अभियान चलाया गया दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बचाया गया।
यह अभियान आरपीएफ पोस्ट रांची की मानव तस्करी विरोधी इकाई द्वारा दीनदयाल उपाध्याय नगर टीम और रांची अपराध आसूचना शाखा के सहयोग से संचालित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, शाम के समय चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान प्लेटफार्म संख्या-2 पर दो लड़कियां संदिग्ध अवस्था में अकेली बैठी हुई पाई गईं। उनकी गतिविधियों और शारीरिक बनावट को देखते हुए टीम को उन पर संदेह हुआ। उसके बाद आरपीएफ कर्मियों ने संवेदनशीलता के साथ उनसे पूछताछ की,तो लड़कियों ने बताया कि वे झारखंड के खूंटी जिले की रहने वाली हैं और घरेलू काम की तलाश में अपने घर से निकलकर रांची पहुंची थीं। प्रारंभिक जानकारी के बाद आरपीएफ टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों की उम्र से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों लड़कियां नाबालिग हैं।
नाबालिग पाए जाने के बाद आरपीएफ ने उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मानव तस्करी निरोधक कानूनों के तहत सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद दोनों नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन रांची के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि उन्हें संरक्षण, परामर्श और आगे की आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि ‘नन्हें फरिश्ते’ अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसरों में बच्चों और किशोरों को तस्करी, बाल श्रम और शोषण से बचाना है। इसी उद्देश्य के तहत रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की सतर्कता से कई मासूम बच्चों को मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया जा सका है।
आरपीएफ ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि स्टेशन परिसर या ट्रेनों में कोई बच्चा या किशोर संदिग्ध अवस्था में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत आरपीएफ या चाइल्डलाइन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
---------------
body{font-family:Arial,sans-serif;font-size:10pt;}.cf0{font-family:Nirmala UI,sans-serif;font-size:11pt;}
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे