बीएचईएल ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए सेमी हाई स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टरों की आपूर्ति प्रारंभ की
हरिद्वार, 08 जनवरी (हि.स.)। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने रेल परिवहन क्षेत्र के लिए अपनी मेक इन इंडिया पहलों में एक प्रमुख उपलब्धि हासिल की है। अब भेल ने भारत की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स की आपू
अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स को रवाना करते हुए


हरिद्वार, 08 जनवरी (हि.स.)। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने रेल परिवहन क्षेत्र के लिए अपनी मेक इन इंडिया पहलों में एक प्रमुख उपलब्धि हासिल की है। अब भेल ने भारत की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना के लिए अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स की आपूर्ति प्रारम्भ कर दी है।

इस संबंध में गुरुवार को भेल के बेंगलुरु प्लांट में एक फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर भेल की औद्योगिक प्रणाली और उत्पाद निदेशक बानी वर्मा ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए सेमी-हाई-स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन कन्वर्टर्स के प्रथम सेट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस संबंध में भेल हरिद्वार के संचार एवं जनसंपर्क प्रमुख संजय पवार ने बताया कि

आईजीबीटी-आधारित ट्रैक्शन कन्वर्टर्स से लैस, अंडरस्लंग डिजाइन में प्रोपल्शन उपकरण को ट्रेन कार के नीचे लगाया जाता है, जिससे यात्रियों की सुविधाओं के लिए ट्रेन के अंदर पर्याप्त जगह उपलब्ध हो जाती है और ट्रेन की कुल पेलोड क्षमता बढ़ जाती है।

इस प्रोपल्शन सिस्टम की विशेषता है कि इसे 176 किमी प्रति घंटे की स्पीड के लिए डिजाइन किया गया है तथा इससे 160 किमी प्रति घंटे तक की परिचालन गति प्राप्त की जा सकती है।

पवार ने बताया कि ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में देश का अग्रणी विनिर्माण उद्यम बीएचईएल, पावर, पारेषण, परिवहन, रक्षा और उद्योग में सर्वोत्तम श्रेणी के स्वदेशी समाधान प्रदान करता है। लोकोमोटिव और डिस्ट्रिब्यूटेड पावर ट्रेनों के लिए जटिल प्रौद्योगिकियों के सफल स्वदेशीकरण द्वारा, बीएचईएल परिवहन और रोलिंग स्टॉक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहा है।

उल्लेखनीय है कि यह सेमी हाई स्पीड प्रोपल्शन सेगमेंट में बीएचईएल के रणनीतिक प्रवेश को दर्शाता है। ट्रैक्शन कन्वर्टर्स को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की अंतिम असेंबली के लिए कोलकाता भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, इन ट्रेनों के लिए ट्रैक्शन मोटर्स और ट्रांसफॉर्मर्स जैसे अन्य प्रमुख प्रोपल्शन उपकरण इसकी भोपाल और झांसी इकाइयों द्वारा विकसित और निर्मित किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला