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अकाल तख्त साहिब के तलब आदेश पर 15 काे पेश हाेंगे भगवंत मान
चंडीगढ़, 08 जनवरी (हि.स.)। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किए जाने के घटनाक्रम में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। पंजाब के मुख्यमंत्री अब 15 जनवरी को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। इससे पहले आज मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया एक्स पर अकाल तख्त साहिब जत्थेदार को लिखा कि वह जब पेश हों तो इसका चैनलों पर लाइव प्रसारण किया जाए। भगवंत मान के इस बयान के बाद यह विवाद और गहरा हो सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों के बाद अकाल तख्त जत्थेदार ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि गुरुओं के दशवंध के सिद्धांत से जुड़ी गुरु की गोलक के बारे में टिप्पणी आपत्तिजनक है। जत्थेदार ने बरगाड़ी और मौड़ के बेअदबी और बम धमाके के केसों में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा जत्थेदार ने एक वीडियो को लेकर भी आपत्ति जताई कि मुख्यमंत्री मान गुरुओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले के साथ आपत्तिजनक हरकतें कर रहे हैं। इसको लेकर मान को 15 जनवरी को अकाल तख्त के सचिवालय में पेश होने को कहा है।
मुख्यमंत्री मान ने आज सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि कि पूरी दुनिया से मुझे संदेश आ रहे हैं कि 15 जनवरी को जब संगत की तरफ से गोलक का हिसाब-किताब लेकर जाओगे तो इसका लाइव टेलीकास्ट होना चाहिए। मान ने कहा कि मैं दुनियाभर की संगत की भावना को समझते हुए जत्थेदार को विनती करता हूं कि मेरे स्पष्टीकरण का सीधा प्रसारण किया जाए। ताकि संगत पल-पल और पैसे के हिसाब–किताब से जुड़ी रहे। मिलते हैं जी 15 जनवरी को, सबूतों समेत। मान के इस बयान पर एसजीपीसी सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि जनता के बीच एतराज आया, इसलिए मुख्यमंत्री को बुलाया। इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा