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जयपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक व उप-स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने कार्य व्यवस्था और मानदेय को लेकर नाराजगी जताई है। जिसके चलते गुरुवार को गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर विशाल धरना—प्रदर्शन किया गया।
प्रशिक्षकों का कहना है कि उनसे जन स्वास्थ्य के लिए अहम सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन उन्हें न तो नियमित कार्य दिया जा रहा है और न ही पर्याप्त मानदेय। वहीं वर्तमान में योग प्रशिक्षकों से माह में केवल 10 दिन योग सत्र कराए जा रहे हैं, जिसके बदले मात्र 2 हजार 500 प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। प्रशिक्षकों के अनुसार यह राशि महंगाई के दौर में बुनियादी जरूरतें पूरी करने में भी नाकाफी है।
योग प्रशिक्षकों ने कहा कि योग नियमित अभ्यास से ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और तनाव जैसे रोगों पर प्रभावी नियंत्रण करता है, लेकिन अनियमित सत्रों से आयुष्मान भारत योजना के प्रिवेंटिव हेल्थ केयर उद्देश्य को नुकसान पहुंच रहा है। कम मानदेय के कारण कई प्रशिक्षकों को अन्य रोजगार तलाशने पड़ रहे हैं। प्रशिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि योग सेवाओं को मजबूत करते हुए सत्र पूरे माह संचालित किए जाएं, फुल-टाइम कार्य दिया जाए और 30 हजार प्रतिमाह सम्मानजनक मानदेय तय किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश