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खड़गपुर, 08 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर में पुलिस की कथित कार्रवाई के दौरान एक वृद्ध महिला की मौत को लेकर गुरुवार को जनआक्रोश चरम पर पहुंच गया। मृतका के परिजनों ने पुलिस पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह से ही खड़गपुर-केशियाड़ी राज्य मार्ग पथावरोध कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ खड़गपुर टाउन थाना अंतर्गत छोटा टेंगरा की ओड़िया बस्ती में एक निर्माणाधीन मकान की छत ढलाई है। बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि अवैध रूप से निर्माण कार्य चल रहा है। पहले हिजली चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची, जहां स्थानीय लोगों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद रात करीब 10 बजे अनुमंडल पुलिस अधिकारी धीरज ठाकुर (एसडीपीओ) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने इलाके में अभियान चलाया।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान निहत्थे लोगों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए और कुछ को हिरासत में लिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसी कार्रवाई और लाठीचार्ज की चपेट में आने से वर्षीय रागिणी टांडी (64) की हालत बिगड़ गई और गुरुवार को उनकी मृत्यु हो गई। इस खबर के फैलते ही इलाके में तनाव फैल गया। गुरुवार सुबह से ही स्थानीय लोगों ने खड़गपुर महकमा अस्पताल के समीप सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। सड़क जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खड़गपुर नगर पालिका की अध्यक्ष कल्याणी घोष, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप सरकार, रविशंकर पांडेय और तृणमूल नेता देवाशीष चौधरी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
चेयरपर्सन कल्याणी घोष ने इस दौरान कहा कि प्रशासन निष्पक्ष रूप से जांच करेगा, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता