तेलंगाना का स्किल एवं जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मॉडल अपनाएगा हिमाचल
शिमला, 08 जनवरी (हि.स.)। तेलंगाना का स्किल एवं जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मॉडल हिमाचल प्रदेश में लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इसी उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा विभाग का एक उच्चस्तरीय
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तेलंगाना के मुख्यमंत्री कमव अधिकारियों संग


शिमला, 08 जनवरी (हि.स.)। तेलंगाना का स्किल एवं जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मॉडल हिमाचल प्रदेश में लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इसी उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा विभाग का एक उच्चस्तरीय दल तेलंगाना के दौरे पर है। गुरुवार को हैदराबाद में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग, नवाचार और बेहतर शैक्षिक मॉडलों को अपनाने पर विस्तृत चर्चा की।

रोहित ठाकुर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सुधारों का असर राष्ट्रीय स्तर के आकलनों में भी साफ दिखाई दे रहा है। परख सर्वे 2024, पीजीआई रिपोर्ट और असर (ASER) रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भी तेलंगाना के स्किल और जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा मॉडल को अपनाएगा। राज्य की जरूरतों के अनुसार नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों राज्यों के बीच अनुभव साझा करने और भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश ने प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़ाई शुरू करने की पहल की है। इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा मिल सके। नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश के 6297 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं भी शुरू की जा चुकी हैं। ‘पहली शिक्षक माँ के नाम’ पहल के माध्यम से माताओं को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा से जोड़ा गया है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। पारंपरिक वोकेशनल पाठ्यक्रमों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों पर आधारित कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनकी शुरुआत पहली कक्षा से ही की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को शुरू से ही कौशल आधारित शिक्षा देना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा