अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रदेश अधिवेशन 9 व 10 जनवरी को
अलवर, 08 जनवरी (हि.स.)। शहर में 36 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शिक्षा जगत से जुड़ा एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के तत्वावधान में 64वां प्रदेश अधिवेशन 9 व 10 जनवरी को अलवर के मोटल रिसोर्ट में आयोजि
अलवर। प्रेस वार्ता में जानकती देते पदाधिकारी।


अलवर, 08 जनवरी (हि.स.)। शहर में 36 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शिक्षा जगत से जुड़ा एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के तत्वावधान में 64वां प्रदेश अधिवेशन 9 व 10 जनवरी को अलवर के मोटल रिसोर्ट में आयोजित किया जाएगा।

गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के अध्यक्ष प्रो. मनोज बहरवाल और प्रदेश महामंत्री रिछपाल सिंह ने बताया कि यह अधिवेशन उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों का एक बड़ा विचार–विमर्श महासम्मेलन होगा। इसमें देश और प्रदेश के शिक्षा विशेषज्ञ, शिक्षाविद, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि, शोधकर्ता एवं नीति निर्धारक भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, शोध, रोजगारोन्मुखी शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्यापक मंथन करना है। आयोजकों के अनुसार 36 वर्षों में पहली बार अलवर में इस स्तर का शिक्षा केंद्रित आयोजन हो रहा है, जो जिले के लिए गौरव का विषय है।

आयोजकों ने कहा कि इस महासम्मेलन से अलवर को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और युवाओं, छात्रों व शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों से सीधे संवाद का अवसर प्राप्त होगा। कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति, तकनीकी शिक्षा, शोध एवं नवाचार, मूल्य आधारित शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।

सह संगठन मंत्री डॉ. गंगाश्याम गुर्जर, प्रदेश उपाध्यक्ष कर्मवीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. लता शर्मा, प्रदेश मंत्री आंचल मीणा, विभाग संयोजक अजय वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि तथा वन मंत्री संजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सत्र की अध्यक्षता प्रो. नारायण लाल गुप्ता (महामंत्री) करेंगे।

दूसरे दिन 10 जनवरी को शैक्षिक संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न विषयों पर पत्रवाचन और वैचारिक विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी के विषय प्रवर्तक प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत, कुलगुरु कोटा विश्वविद्यालय होंगे, जबकि अध्यक्षता प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल, कुलगुरु महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर करेंगे। समापन सत्र के मुख्य वक्ता निंबाराम, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ होंगे तथा अध्यक्षता महेंद्र कपूर, संगठन मंत्री अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ करेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार