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नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कर्नाटक के हुबली से संबंधित एक वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कथित रूप से पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तारी के दौरान भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने गुरुवार को इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिख कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़िता को चिकित्सीय सहायता, पुनर्वास एवं मुआवजा सुनिश्चित करने को कहा है।
रहाटकर ने पत्र में कहा कि यह घटना एक महिला की गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा लैंगिक हिंसा से संरक्षण के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है।
इस संबंध में कर्नाटक पुलिस द्वारा अगर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है तो तत्काल दर्ज की जाए। इसके साथ वीडियो साक्ष्यों की जांच सहित निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि किसी अधिकारी की ओर से कदाचार पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए और
पीड़िता को कानून के अनुसार चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक सहयोग, पुनर्वास तथा मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
इस घटना को लेकर हुबली में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि केशवापुर पुलिस थाना के पुलिसकर्मियों ने हिरासत के दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता के साथ मारपीट की और दुर्व्यवहार किया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें महिला के कपड़े फटे हुए दिखाई दे रहे हैं और पुलिसकर्मी उसे घेरकर खड़े नजर आ रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी