मणिपुर के कांगपोकपी में हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी, सुरक्षा बल तैनात
इंफाल, 08 जनवरी (हि.स.)। मणिपुर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया है कि गुरुवार काे मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो हथियारबंद गुटों के बीच थोड़ी देर गोलीबारी हुई, जिसके बाद आस-पास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। अधिकारियों के
मणिपुर में तैनात सुरक्षा बल


इंफाल, 08 जनवरी (हि.स.)। मणिपुर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया है कि गुरुवार काे मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो हथियारबंद गुटों के बीच थोड़ी देर गोलीबारी हुई, जिसके बाद आस-पास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।

अधिकारियों के अनुसार, बैन जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (एस कैमसन) के संदिग्ध कैडर कथित तौर पर खराम वाइफेई में अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन पर कुकी अंडरग्राउंड समूहों ने गोलीबारी कर दी। बाद में गोलीबारी बंद हो गई, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

एहतियात के तौर पर सुरक्षाकर्मियों को आस-पास के इलाकों में भेजा गया। गोलीबारी की आवाज से इंफाल पश्चिम जिले की सीमा से लगे गांवों में दहशत फैल गई, यह वह इलाका है जहां 2023 और 2024 की जातीय हिंसा के दौरान जबरदस्त झड़पें हुई थीं।

एक बयान में, जेडयूएफ (एस कैमसन) ने दावा किया कि गोलीबारी सुबह करीब 7.40 बजे खराम वाइफेई में हुई और आरोप लगाया कि इलाके में अवैध गतिविधियां हो रही हैं, जिसमें अवैध अफीम की खेती और कुकी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समूहों के अंडरग्राउंड कैंप शामिल हैं।

मई, 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से मणिपुर में तनाव बना हुआ है। अब तक मुख्य रूप से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच झड़पों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। यह अशांति पहाड़ी जिलों में मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग का विरोध करने के लिए आयोजित 'ट्राइबल सॉलिडेरिटी मार्च' के बाद शुरू हुई।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय