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धर्मशाला, 08 जनवरी (हि.स.)।
धर्मशाला में कॉलेज छात्रा मौत मामले में अभी तक तक जांच जारी है जिसमें छात्रा का जहां जहां इलाज हुआ है, उन सभी अस्पतालों से रिपोर्ट एकत्रित की गई है। मामले में अब मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा रहा है। इस मामले में अभी तक आरोपी प्रोफेसर को निलंबित किया गया है और पुलिस व यूजीसी जांच कमेटी इस मामले में गहनता से जांच कर रही है।
उधर इस मामले में विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में वीरवार को महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास महासभा के पदाधिकारी और बाबा दीप सिंह कालीपुल सेवा संगठन ऊना के सदस्यों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, साथ ही सरकार व प्रशासन को चेताया कि अगर 15 दिन में छात्रा को इंसाफ नहीं मिला तो पंजाब बॉर्डर को बंद किया जाएगा। संगठनों का कहना था कि वे आज यहीं से रणनीति बनाकर जाएंगे।
न जाने प्रशासन किस दबाव में है : अमित
अमित वाल्मीकि ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास महासभा के पदाधिकारी धर्मशाला पहुंचे हैं। धर्मशाला छात्रा मौत मामले में काफी समय हो गया है। सरकार व प्रशासन चाहते तो एक दिन में इंसाफ दे सकते थे, न जाने प्रशासन किस दबाव में हैं। आज छात्रा के माता-पिता से भी बात हुई है। 15 दिन में छात्रा मौत मामले में न्याय नहीं मिला तो महासभा पंजाब के बॉर्डर बंद कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार व प्रशासन की होगी।
इंसाफ न मिला तो करेंगे बड़ा आंदोलन : बलवंत
बाबा दीप सिंह कालीपुल सेवा संगठन ऊना से आए बलवंत सिंह ने कहा कि छात्रा को इंसाफ मिले, इसके लिए डीसी कांगड़ा को पत्र देने पहुंचे हैं। 15 दिन के भीतर इंसाफ नहीं मिला तो बड़े आंदोलन बारे विचार किया जाएगा और धर्मशाला से ही आगामी रणनीति बनाकर जाएंगे। आज एक छात्रा के साथ हुआ है, कल किसी ओर के साथ भी हो सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया