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राजौरी, 08 जनवरी (हि.स.)।
राजौरी के जीएमसी एसोसिएटेड अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज की जान गुरुवार को उस समय बचा ली गई जब भारतीय सेना ने उसके परिवार के सदस्यों द्वारा रक्त की तत्काल आवश्यकता के लिए की गई अपील पर त्वरित प्रतिक्रिया दी।
सूत्रों के अनुसार रियासी के महोर जिले के बन्ना निवासी मस्कीन की पत्नी गुड़ी की हालत गंभीर थी और उसे जीवित रहने के लिए तत्काल बी पॉजिटिव रक्त चढ़ाने की आवश्यकता थी। तमाम प्रयासों के बावजूद आवश्यक रक्त इकाइयों की व्यवस्था नहीं की जा सकी जिसके चलते परिवार को मदद के लिए गुहार लगानी पड़ी।
आपातकालीन सहायता संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय सेना के आतंकवाद विरोधी बल की एक टीम को गंभीर आर्मी कैंप से भेजा गया जो महज बीस मिनट के भीतर जीएमसी एसोसिएटेड अस्पताल पहुंच गई। सेना के जवान बिना किसी देरी के जीएमसी एसोसिएटेड अस्पताल पहुंचे और स्वेच्छा से नागरिक अस्पताल में आवश्यक संख्या में रक्त की इकाइयां दान कीं। दान में प्राप्त रक्त को तुरंत मरीज को चढ़ाया गया जिससे उसकी हालत स्थिर करने और उसकी जान बचाने में मदद मिली।
परिवार के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने सेना के जवानों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और इस कदम को एक मानवीय कार्य बताया जो न केवल सीमाओं पर बल्कि नागरिक संकट के समय में भी राष्ट्र की सेवा करने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA