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मंडी, 08 जनवरी (हि.स.)। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, इसे चरितार्थ कर दिखाया है राजकीय उच्च विद्यालय नालन के विज्ञान शिक्षक राजीव कुमार ने। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उन्होंने स्कूल परिसर की अनुपयोगी पड़ी खाली भूमि को एक फल उद्यान में बदलने का बीड़ा उठाया है।
आजकल स्कूलों में शीतकालीन अवकाश चल रहा है, लेकिन पर्यावरण के प्रति राजीव कुमार का समर्पण कम नहीं हुआ। शिक्षक ने अपनी छुट्टियों का सदुपयोग करते हुए स्थानीय समुदाय के सहयोग से स्कूल परिसर में केले और प्लम के 10 पौधे रोपित किए। इस नेक कार्य में एक स्थानीय निवासी ने भी अपना विशेष योगदान देकर सामुदायिक भागीदारी की मिसाल पेश की।
राजीव कुमार केवल अवकाश ही नहीं, बल्कि विद्यालय समय के दौरान भी विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास करते रहते हैं। उन्होंने छात्रों के साथ मिलकर स्कूल वाटिका में विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे लगाए हैं, जिनमें मुख्य रूप से खुमानी, अखरोट, अमरूद और नींबू शामिल हैं।
विज्ञान शिक्षक राजीव कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान देना और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों को केवल पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल करना भी सिखा रहे हैं ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार और प्रकृति प्रेमी नागरिक बन सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा