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मंडी, 08 जनवरी (हि.स.)। सीटू से संबंधित यूनियन ने मुआवजा न मिलने पर परियोजना अधिकारी कार्यालय पर जताया रोष सीटू से सबंधित आंगनबाड़ी वर्करज एंड हेल्पर्ज यूनियन के आह्वान पर गुरूवार को सेरी मंच से बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय सदर मंडी के कार्यालय तक रोष रैली निकाली और प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू को मांगपत्र भेजा।
पल्स पोलियो अभियान के तहत 22 दिसंबर को घर-घर दवाई पिलाने गयी मंडी के टारना वृत में कार्यरत वर्कर हर्षा की गिरने से मौत हो गई थी को न्याय, मुआवजा, सुरक्षा देने तथा विभागीय जबाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।
यूनियन ने हर्षा के परिवार को 50लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई और किसी अन्य वर्कर की डियूटी के दौरन मौत होने पर एक समान मुआवजा देने की नीति बनाई जाए। कार्यकर्ताओं को किसी दूसरे विभाग का कार्य करने पर उस दौरान किसी भी प्रकार की शारीरिक हानि का मुआवजा व सहायता राशी सबन्धित विभाग से देना सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में कार्यकर्ता चुनाव आयोग, स्वास्थ्य, कल्याण, राजस्व, शिक्षा व अन्य कई विभागों के काम करती हैं लेकिन जबाबदेही कोई भी विभाग नहीं लेना चाहता है और ऐसा ही दिवंगत हर्षा के साथ भी हुआ है जो स्वास्थ्य विभाग के पल्स पोलियो अभियान की जिम्मेवारी निभा रही थी और उसके निर्वहन के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी कुल्लू जिला के स्यांज व चंबा में भी वर्करों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो चुकी है लेकिन उन्हें भी मुआवजा नहीं दिया गया है। यही स्थिति हर्षा की मौत के बाद भी है और 15 दिन गुजर जाने के बाद भी ये तय नहीं हो सका है कि हर्षा की मौत की जम्मेवारी किसकी है।
यूनियन ने ये भी मांग सरकार से उठायी है कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का दुर्घटना बीमा किया जाए और उन्हें जोखिम भत्ता भी दिया जाए तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाये।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा