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नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देशभर में 50,000 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) का प्रमाणन मिल चुका है। 31 दिसंबर 2025 तक कुल 50,373 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल इस मानक पर खरे उतर चुके हैं।
यह मानक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बनाया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज मिल सके।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी की गई जानकारी के मुताबिक यह उपलब्धि खासतौर पर गरीब, कमजोर और दूरदराज़ के लोगों के लिए अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
एनक्यूएएस की शुरुआत साल 2015 में सिर्फ 10 अस्पतालों से हुई थी। पहले इसका ध्यान जिला अस्पतालों पर था लेकिन बाद में इसे उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसे प्राथमिक और उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक बढ़ा दिया गया।
मौजूदा समय में 48,663 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 1,710 बड़े सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र
एनक्यूएएस प्रमाणित हो चुके हैं।
मंत्रालय ने बताया कि
वर्चुअल जांच (ऑनलाइन मूल्यांकन) शुरू होने से यह काम और तेज हुआ। सिर्फ एक साल में प्रमाणित संस्थानों की संख्या 6,506 से बढ़कर 50,373 हो गई।
सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को बिना ज्यादा खर्च के अच्छी और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा मिले। 50,000 एनक्यूएएस प्रमाणन का आंकड़ा पार करना इस बात का प्रमाण है कि भारत मजबूत और आत्मनिर्भर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
मार्च 2026 तक कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाणन दिया जाएगा, ताकि देशभर में इलाज की गुणवत्ता एक समान और भरोसेमंद बन सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी