हिसार : इनवायर्नमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में होगा सिविल इंजीनियरिंग विभाग का विलय
गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद की बैठक में लिया गया फैसला कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई बैठक हिसार, 07 जनवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग क
शैक्षणिक परिषद् की बैठक की अध्यक्षता करते कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई एवं उपस्थित सदस्यगण।


गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद की बैठक में लिया गया फैसला

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई बैठक

हिसार, 07 जनवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

के सिविल इंजीनियरिंग विभाग को आगामी शैक्षणिक सत्र से इनवायर्नमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग

विभाग में विलय किया जाएगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय की 64वीं शैक्षणिक परिषद् की

बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में बुधवार काे हुई इस बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय

के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की। संचालन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. विजय

कुमार ने किया। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि बैठक में बीएससी नर्सिंग

की 100 तथा पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों को अनुमोदित कर दिया गया है। इसके

अतिरिक्त एडवांस डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग को भी शैक्षणिक परिषद ने

मंजूरी दे दी है। ये कोर्स विश्वविद्यालय में आरंभ हो चुके हैं।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि शैक्षणिक परिषद् की इस महत्वपूर्ण

बैठक में 40 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई है, जिनमें

विश्वविद्यालय के सभी आठ संकायों से संबंधित कोर्सों की स्कीम व सिलेबस से प्रस्ताव

भी शामिल थे। विश्वविद्यालय के कोर्सों को और अधिक रोजगारपरक व समय की मांग के अनुरूप

बनाने के लिए भी स्कीम व सिलेबस में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। एमसीए कोर्स में

भी औद्योगिक प्रशिक्षण को आवश्यक कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के

लिए शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में भी

प्रस्ताव पारित कर दिया गया है।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंडरग्रेजुएट

कोर्सिज में राष्ट्रीय नीति-2020 (एनईपी-2020) को पहले ही लागू किया जा चुका है। अब

पोस्टग्रेजुएट कोर्सिज में भी एनईपी-2020 को लागू कर दिया गया है। इस संबंध में भी प्रस्ताव मंजूर किया गया है। विश्वविद्यालय

में चल रहे विदेशी भाषाओं जर्मन व फ्रेंच कोर्सों के साथ-साथ अन्य कोर्सों को भी शैक्षणिक

परिषद् ने मंजूरी दे दी है।

ऑनलाइन तथा ऑफलाइन माध्यम से हुई इस बैठक में पूर्व कुलपति प्रो. जेपी यादव,

केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. पवन कुमार, चंडीगढ़ से प्रो.

जगदीश कुमार, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय से प्रो. मंजीत बंसल, शारदा विश्वविद्यालय

नोएडा से प्रो. सलीम सिद्दकी, आईआईटी नई दिल्ली से प्रो. विवेक कुमार, हरियाणा कृषि

विश्वविद्यालय हिसार से प्रो. कमल दत्त, विनोद बिश्नोई, प्रो.

एनके बिश्नोई, प्रो. आशा गुप्ता, प्रो. सुजाता सांघी, प्रो. वंदना पूनिया, राजकीय महाविद्यालय

खेड़ी चौपटा के प्राचार्य डा. अनिल कुमार, राजकीय महाविद्यालय हांसी के प्राचार्य डा.

पवित्र मोहन तथा राजकीय महाविद्यालय नलवा की प्राचार्य डा. कमलेश दुहन व अन्य सदस्यगण

उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर