बीज, उर्वरक और कीटनाशक के सैंपल की सुरक्षित ढुलाई के लिए कृषि और डाक विभाग के बीच समझौता
नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। बीज, उर्वरक और कीटनाशक के सैंपलों की अब सुरक्षित एवं डिजिटल ट्रैकिंग आधारित ढुलाई डाक विभाग करेगा। इस संबंध में बुधवार को कृषि मंत्रालय और डाक विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कृषि मंत्रालय में आयोजित क
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान


नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। बीज, उर्वरक और कीटनाशक के सैंपलों की अब सुरक्षित एवं डिजिटल ट्रैकिंग आधारित ढुलाई डाक विभाग करेगा। इस संबंध में बुधवार को कृषि मंत्रालय और डाक विभाग के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। कृषि मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और चंद्रशेखर पेम्मासानी उपस्थिति थे। इस समझौते के तहत घटिया बीज, खाद और कीटनाशक की जांच और सैंपल की फेसलेस और ट्रेसलेस’ ढुलाई से छेड़छाड़, देरी और मैनेजमेंट की गुंजाइश लगभग समाप्त हो जाएगी।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डाक विभाग के बारकोड/क्यूआर कोड आधारित नेटवर्क और विशेष लॉजिस्टिक क्षमता के उपयोग से देशभर के निर्माण इकाइयों, डीलरों और बाजारों से लिए गए सैंपल सुरक्षित रूप से निर्धारित प्रयोगशालाओं तक पहुंचाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार पेस्टिसाइड एक्ट और सीड एक्ट के माध्यम से घटिया कीटनाशकों और बीजों पर कठोर दंडात्मक प्रावधानों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेरने वाले तत्वों पर सख्ती की जा सके।

शिवराज चौहान ने कहा कि 2 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदियां’ गरीबी उन्मूलन का अभूतपूर्व मॉडल हैं और नए समझौते के जरिये डाक विभाग के माध्यम से बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं का विस्तार होने से बहनों की आय में 15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की उम्मीद बनेंगी। उन्होंने कहा कि ‘बीसी सखी’ मॉडल को डाक विभाग के विशाल नेटवर्क से जोड़ने पर गांव-गांव और घर-घर तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचेंगी, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधी सुविधा और राहत मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सेवाओं की लास्ट-माइल डिलीवरी को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों को पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और सर्टिफिकेशन दिए जाएंगे, जिससे वे सीधे घरों तक कई तरह की सेवाएं पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल के ज़रिए, पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, कैश ट्रांसफर सेवाएं और कई अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट जैसी सेवाएं नागरिकों के दरवाज़े गांव‑गांव तक कुशलता से पहुंचाई जाएंगी। ग्रामीण बहनों‑दीदियों की आय बढ़ाने के लिए ये नया समझौता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी