जींद : लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों ने काले बिल्ले लगा जताया रोष
29 जनवरी को मिशन निदेशक कार्यालय पर करेंगे उपवास
मांगों को लेकर काले बिल्ले लगाकर काम करते स्वास्थ्य कर्मी।


जींद, 07 जनवरी (हि.स.)। लंबित मांगें पूरी नहीं होने से नाराज प्रदेश के एमपीएचडब्ल्यू वर्ग ने लगातार आठवें बुधवार को काले बिल्ले लगा टीकाकरण किया। साथ ही एमपीएचडब्ल्यू की 25 अक्टूबर से ऑनलाइन काम छोड़ हड़ताल से बुधवार को हुए टीकाकरण का डिजिटल निगरानी प्रभावित हुई। प्रदेश भर में आयोजित टीकाकरण कैंपों में यूवीन पोर्टल नहीं चल पाया और गर्भवती महिलाओं एवं नवजात को मिलने वाले मैसेज एवं डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं मिल पाए।

गौरतलब है प्रदेश का एमपीएचडब्ल्यू वर्ग 25 अक्टूबर से लंबित मांगों को पूरा करवाने हेतु संघर्षरत है।

एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, महासचिव सहदेव आर्य एवं राज्य वित्त सचिव धर्मवीर ने बताया कि बुधवार को पूरे जिले में लंबित मांगों को लेकर ब्लैक बैज लगा कर टीकाकरण करते हुए सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ रोष जताया। यदि सरकार द्वारा इस दौरान मांगो का समाधान नही किया गया तो आगामी 29 जनवरी को एसोसिएशन के राज्य पदाधिकारी मिशन निदेशक कार्यालय पर उपवास करेंगे। राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने बताया कि ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टलों के बहिष्कार के चलते आमजन को आ रही परेशानी का खेद है। एसोसिएशन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है बशर्ते सरकार एसोसिएशन की जायज मांगों पर गौर करे।

गौरतलब है कि प्रदेश का बहु उद्देशीय वर्ग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को 4200 ग्रेड पे, ड्रेस एवं एमसीएच अलाउंस, रिटायरमेंट बेनिफिट, एमपीएचडब्ल्यू वर्ग के पदनाम बदलने, कन्फर्मेशन सूची जारी करने, आबादी आधारित स्वास्थ्य संस्थाएं बनाते हुए नए पद स्वीकृत करने, खाली पदों पर स्थाई भर्ती करवाने, मेवात एवं पलवल जिले के कर्मचारियों को ऑनलाइन तबादला नीति में वरीयता देने सहित अनेक मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। एसोसिएशन इसका पूर्ण विरोध करती है तथा कोई भी कर्मचारी इन स्मार्ट फोन को नहीं लेगा। एमपीएचडब्ल्यू वर्ग द्वारा डिजिटल हड़ताल का प्राथमिक उद्देश्य ऑनलाइन कार्यों के लिए नियुक्त कर्मचारियों की जवाबदेह तय करवाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा