अनूपपुर: किसान को नहीं मिला मुआवजा, पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई में लगाई गुहार
अनूपपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्राम रक्सा में बुधवार को एक पावर परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति को लेकर लोक सुनवाई आयोजित की गई। जन सुनवाई न्यू जॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 1600 मेगावाट कोयला आधारित थर्मल पावर परियोजना
किसान जनसुनवाई में अपनी बात रखता हुआ


अनूपपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ग्राम रक्सा में बुधवार को एक पावर परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति को लेकर लोक सुनवाई आयोजित की गई। जन सुनवाई न्यू जॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 1600 मेगावाट कोयला आधारित थर्मल पावर परियोजना के लिए हुई। लोक सुनवाई मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल की देखरेख में संपन्न हुई। इस दौरान एक किसान का मुआवजा नहीं की गुहार लगाई। जबकि कंपनी का कहना हैं कि परिवारिक विवाद पर किसान को मुआवजा नहीं मिला हैं। जिस पर प्रशासन ने तुरंत समाधान के निर्देश दिये हैं।

उठा मुआवजे का मुद्दा

लोक सुनवाई के दौरान ग्राम रक्सा निवासी किसान राम सिंह राठौर ने मंच से अपनी समस्या रखते हुए आरोप लगाया कि कंपनी ने उनकी करीब साढ़े सात एकड़ जमीन ले ली है, लेकिन अब तक उसका मुआवजा उनके खाते में नहीं डाला गया है। मुआवजे के लिए वह लगातार कंपनी और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। कंपनी अधिकारियों ने मुआवजा न मिलने को लेकर बताया कि यह प्रकरण परिवारिक विवाद का हैं जिससे किसान राम सिंह राठौर को मुवावजा नहीं मिल सका हैं। साथ ही कहा कि जब अपत्ती दर्ज कराई जा रहीं थी तो किसान ने समय रहते अपत्ती नहीं करने पर लाभ नहीं मिला। इस दौरान शोर-शराब और अप्रिय स्थित देख अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय और एसडीएम कमलेश पुरी ने कंपनी अधिकारियों से कहा कि किसान की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। जिसके बाद भीड़ छट गई।

दोबारा खेती शुरू करने की चेतावनी

किसान राम सिंह राठौर ने कहा यदि 7 दिन के भीतर उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला, तो वह उसी जमीन पर दोबारा खेती शुरू कर देंगे। खेती के दौरान यदि उनके साथ कोई घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और कंपनी की होगी। पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई में ग्रामीणों का सर्वसम्मत समर्थन, प्रशासनिक संतुलन और कंपनी की जिम्मेदार प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि न्यूजोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का यह प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट पर्यावरणीय संतुलन, नियामकीय अनुपालन और स्थानीय सहभागिता के साथ अनूपपुर जिले को ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और सतत औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगा।

2006 में हुआ था जमीन अधिग्रहण

जानकारी के अनुसार, मैसेज न्यू जॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2006 में 191 किसानों से करीब 776.78 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की थी। इसके बाद करीब 18 वर्षों तक न तो पावर प्लांट लगाया गया और न ही गांव से जुड़ी शर्तों का पालन किया गया।

2024 में फिर शुरू हुई प्रक्रिया

वर्ष 2024 में कंपनी ने दोबारा पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान किसानों को प्रति एकड़ दोगुना मुआवजा देने की बात कही गई और जमीन के चारों ओर फेंसिंग का काम भी शुरू कर दिया गया। इस पूरे मामले ने प्रशासन और कंपनी दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि किसान की समस्या का समाधान तय समय में होता है या नहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला