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जींद, 07 जनवरी (हि.स.)। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने के लिए रेलवे विभाग द्वारा हाइड्रोजन प्लांट में ही स्टेशनरी ट्रायल किया जा रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन को ईंधन आपूर्ति के लिए हाइड्रोजन प्लांट को अंतिम कमीशनिंग एवं नियमित संचालन के दौरान स्थिर और निर्बाध 11 केवी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। हाइड्रोजन गैस से चलने वाले इंजन धुएं की बजाय भाप और पानी छोड़ेंगे। इसलिए इसमें धुआं नहीं निकलेगा और पर्यावरण प्रदूषण भी नहीं होगा। स्टेशनरी ट्रायल पूरा होने के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल होगा। जिसमें अभी कुछ समय लग सकता है। रनिंग ट्रायल से पहले बुधवार को फिटनेस जांच की गई।गौरतलब है कि जींद से सोनीपत रूट पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी। ट्रेक पर उतरने से पहले रेलवे अधिकारी इसकी पूरी तरह जांच करने में लगे हुए हैं।
रेलवे इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर कोई कसर नहीं रखना चाहती। इसके लिए हर चीज की बारीकी से जांच की जा रही है। इसी के चलते हाइड्रोजन प्लांट में पिछले एक सप्ताह से जांच जारी है। एक जनवरी को हाइड्रोजन ट्रेन जींद जंक्शन पर पहुंच गई थी। टीम द्वारा हाइड्रोजन ट्रेन की टेस्टिंग की जा रही है। टीम पावर कार, उससे जुड़े सुरक्षा, नियंत्रण उपकरण, स्पीड सेंसर, कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति पर परखा जा रहा है ताकि जब ट्रेन ट्रैक पर उतरे तो ट्रेन निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। इस समय जींद-सोनीपत रूट पर तीन ट्रेन चल रही हैं। रेलवे के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी राधेश्याम तिवारी ने बताया कि जींद से सोनीपत की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। यह ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। एक घंटे में लोग सोनीपत पहुंच सकेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा