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कोलकाता, 07 जनवरी (हि.स.)।
गंगासागर मेला के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने यात्री सेवाओं का बड़ा विस्तार किया है। इस बार मंडल की ओर से 126 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जो अब तक के वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। इससे पहले गंगासागर मेले के दौरान लगभग 72 विशेष ट्रेनें चलाई जाती थीं।
विशेष ट्रेनों के सुचारु संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सियालदह मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक पंकज यादव ने बुधवार को नियंत्रकों और प्रमुख पर्यवेक्षकों के साथ रणनीतिक बैठक की। बैठक में उन्होंने नियंत्रण कक्ष को मंडल की रीढ़ बताते हुए कहा कि 126 विशेष ट्रेनों के सुरक्षित और समयबद्ध संचालन में नियंत्रण कक्ष की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त ट्रेनों को नियमित समय-सारिणी के साथ इस तरह जोड़ा जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक के दौरान पंकज यादव ने परिचालन अनुशासन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि गंगासागर मेला अवधि के दौरान मंडल उच्च सतर्कता पर रहेगा और किसी भी तरह की मानवीय चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन की दक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। किसी भी ऐसी लापरवाही, जिससे यात्रियों को परेशानी हो या परिचालन व्यवस्था प्रभावित हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंडल की रणनीति के तहत जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है। प्रमुख स्टेशनों और संवेदनशील स्थानों पर अधिकारी और पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे, ताकि भीड़ की स्थिति और ट्रेनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा सके। 126 विशेष ट्रेनों के संचालन का उद्देश्य स्टेशनों पर भीड़ को कम करना और यात्रियों को बार-बार यात्रा की सुविधा देना है। इसके साथ ही नियंत्रकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संभावित अड़चन को पहले ही पहचान कर उसे दूर किया जाए।
पूर्व रेलवे का सियालदह मंडल इन व्यापक तैयारियों के साथ गंगासागर मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर