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कोलकाता, 07 जनवरी (हि.स.)।
नदिया जिले के कालीगंज में बम हमले में मारी गई नाबालिग तमन्ना खातून की मां सबीना बीबी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगाने की इच्छा जताई है। बेटी की मौत का सदमा सहन न कर पाने के कारण हाल ही में आत्महत्या का प्रयास करने वाली सबीना बीबी ने कहा है कि वह अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहती हैं।
11 साल की तमन्ना खातून की पिछले साल जून माह के दौरान कालीगंज में एक बम हमले में मौत हो गई थी। यह घटना विधानसभा उपचुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद तृणमूल कांग्रेस समर्थकों की विजय जुलूस के दौरान हुई थी। 30 दिसंबर को तमन्ना की मां सबीना बीबी ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। कोलकाता के एक अस्पताल में कई दिनों तक इलाज के बाद अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बुधवार को कालीगंज स्थित अपने घर पर मीडिया से बातचीत में सबीना बीबी ने कहा कि मुख्यमंत्री शायद यह नहीं समझ पा रही हैं कि बेटी को खोने के बाद वह किस दर्द से गुजर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहती हैं कि मुख्यमंत्री उन्हें कुछ समय दें और उनकी बात सुनें। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहती हैं और कम से कम एक बार मुख्यमंत्री उनसे बात करें।
गौरतलब है कि 19 जून को कालीगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था और 23 जून को नतीजे घोषित किए गए थे। तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार अलीफा अहमद की बड़ी जीत के बाद पार्टी समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला। इसी दौरान तमन्ना खातून के घर की ओर कच्चे बम फेंके गए, जिनकी चपेट में आकर नाबालिग लड़की की मौत हो गई।
तमन्ना के माता-पिता का आरोप है कि उनका घर जानबूझकर निशाना बनाया गया, क्योंकि उनका परिवार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी से जुड़ा हुआ है। शुरुआत से ही पीड़ित परिवार कृष्णनगर जिला पुलिस पर असली दोषियों को बचाने का आरोप लगाता रहा है।
तमन्ना की मां का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत में 28 लोगों के नाम दर्ज कराए थे, जिनके खिलाफ मामले भी दर्ज हुए, लेकिन पुलिस ने अब तक सिर्फ 10 लोगों को ही गिरफ्तार किया है। सितंबर में, घटना के 84 दिन बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में 340 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बावजूद परिवार का दावा है कि इस हत्याकांड के असली आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर